" Naari Shakti "

Shri Siddeshwar Brahmrishi Gurudev ji preaches that “Spirituality is the main source to attain real peace & happiness in life” thus inspire us to seek the path of spirituality. He learned “Dhyaan Yoga” & Divine Siddhis from Yogiraj Devaraha Baba & activated his Divine Chakras or Kundalini. His divine preachings have touched a million lives through The World Spiritual Awareness Forum.

Naari Shakti


नारी तुम केवल श्रद्धा हो, पीयूष स्त्रोत सी बहा करो,
जीवन के सुन्दर समतल में ।

जयशंकर प्रसाद की यह पंक्तियों जहां एक ओर नारी समाज के लिये श्रद्धा विश्वास को उजागर करती हैं वहीं दूसरी ओर मैथलीशरण गुप्त की यह पंक्तियां आंचल में है दूध और आंखों में पानी’ नारी के वात्सल्य और ममत्व को दर्शाती हैं परन्तु यदि इतिहास उठा कर देखें तो पायेंगे कि भारत ऐसी वीरांगनाओं से भी भरा पड़ा है जहां नारियों ने अपनी शक्ति और क्षमताओं का परिचय दिया है - खूब लड़ी मर्दानी वह तो झांसी वाली रानी थी।

वर्तमान युग में भी नजर उठा कर देखें तो ममत्व व वात्सल्य दिखाती मदर टेरेसा एवं चांद तक पहुंचती कल्पना चावला नारी शक्ति की परिचायक है। कहने का तात्पर्य यह है कि नारी एक है पर रुप अनेक।श्री गुरुदेव सदैव कहते है, नारी में असीम क्षमतायें हैं, वो आगे आये, स्नेह, प्रेम, वात्सल्य के साथ-साथ अपनी शक्तियों एवं क्षमताओं को पहचाने, उजागर करे ताकि परिवार के साथ देश राष्ट्र और समाज को भी अपनी सेवायें दे सकें।

श्री गुरुदेव के नारी समाज के लिये देखे गये इस सपने को पूरा करने के लिये श्री सिद्धेश्वर तीर्थ की नारी शक्तियां संकल्पबद्ध है । श्रद्धा भक्ति विश्वास और समर्पण से ओत:प्रोत वे सभी महिलायें विभिन्न क्षेत्रों में अपनी कार्य क्षमता का परिचय देती हुई अपनी अस्मिता की पहचान बना सकें, विकसित भारत के सपनों में अपने कर्तव्य के रंग भर सकें, नारी सशक्तिकरण दिवस पर यही हमारा लक्ष्य है।

हमारा उद्देश्य

भारत की संस्क़ृति एवं सभ्यता की सुरक्षा

देश-राष्ट्र और समाज के अपेक्षित वर्ग के बंधुआं एवं बहनों का सहयोग

नारी जागरण के साथ राष्ट्र एवं समाज के निर्माण में सक्रिय सहभागिता